मंगलवार, 27 दिसंबर 2016

सीमन की व्याख्या

यह समस्त रूप संसार अखण्ड, अविभाज्य, अनंत ब्रम्ह की महिमा का मात्र आंशिक अभिव्यक्ति है । इस रूप संसार में विकीर्ण समस्त वैभव ब्रम्ह की चमकती हुई महिमा मण्डल के मात्र एक किरण से प्रकाशित है । ज्ञान के जिज्ञासु साधक को ब्रम्ह की इस महिमा का ध्यान कर प्रयत्नमें संलग्न होना अपेक्षित होता है ।

इसके साथ विभूति योग नामक दशवाँ अध्याय पूर्ण हुआ 

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