गुरुवार, 1 दिसंबर 2016

काल

इस रूप संसार की प्रत्येक घटना एवं रूप का नियंत्रक “समय” होता है । प्रत्येक उद्घृत रूप का समय के साथ अंत निश्चय है । इस रूप में नियंत्रक शक्ति के रूप में “समय” ब्रम्ह स्वरूप है । इस प्रकार नियंत्रक शक्तियों में “समय” ब्रम्ह को सर्वाधिक सक्षमता से निरूपित करने वाला होता है । 

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