शुक्रवार, 10 अप्रैल 2015

शांति की उपलब्धि

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो मनुष्य अपनी इच्छाओं को पूर्ण नियंत्रित कर लेता है और बिना आसक्ति के अहंकार भाव से मुक्त होकर कार्य करता है वह दिव्य शांति की अनुभूति करता है । 

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