बुधवार, 29 अप्रैल 2015

फल की कामना मात्र भ्रम

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि फल की इच्छा से कार्य करना मात्र एक भ्रम होता है । एक मुक्त आत्मा का व्यक्ति बिना फल की कामना के कार्य करता है वही कार्य करने का सच्चा मार्ग है । मुक्त पुरुष कहता है कि मैं कार्य करूँ या ना करूँ मुझे कोई अंतर नहीं पडता है । मैं कार्य इसलिये करता हूँ कि शरीर कार्य करने में सक्षम है तो मैं कार्य क्यों ना करूँ । 

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