भगवद्गीता
शुक्रवार, 15 अप्रैल 2016
अ-सम्बद्ध
कार्य करने की विधि बताते हुये योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से कहे कि मेरे यह कार्य मेरे लिये बंधनकारी नहीं होते हैं क्योंकि इन्हें करने में मैं इनसे सम्बद्ध नहीं होता हूँ । मैं इन कार्यों से अनासक्त ही रहता हूँ ।
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