शनिवार, 4 जून 2016

कर्म के नियमों से बँधे

वेदों में वर्णित अहंकार से युक्त उपासना पद्धति व्यक्ति को देवलोक की उपलब्धि के उपरांत भी वापस पुनर्जन्म की व्यवस्था में लाने का कारण बनती है । ऐसे व्यक्ति अपनी आत्मा को एक अलग अस्तित्व के रूप में मानते हुये उस आत्मा के सुखों के लिये उपासना करते हैं । इसलिये उनके प्रयत्न कर्मों के नियम द्वारा बँधे होते है । फलत: पुनर्जन्म की व्यवस्था में उनकी वापसी होती है । 

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