ब्रम्ह की उपासना करने वाले संतों के लिये गुरू की अनुशंसा, पूर्ण समर्पण तथा पूर्ण प्रश्रय के लिये है
। व्यक्ति के पास स्नेह करने की जो भी क्षमता उपलब्ध है उसे वह अपने आराध्य को
अर्पित करें । ऐसा विश्वास रखें कि वह ब्रम्ह की कृपा से पूर्ण सुरक्षित हैं ।
ब्रम्ह की आराधना ब्रम्ह की शक्ति द्वारा ब्रम्ह को समर्पित होकर करने का पथ गुरु
द्वारा निर्दिष्ट किया गया है ।
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