मंगलवार, 14 जून 2016

भोक्ता एवं अधिपति

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया कि मैं ही समस्त आहुतियों का भोक्ता भी हूँ और मैं ही सकल आहुतियों का स्वामी भी हूँ परंतु वे व्यक्ति जो अन्य देवताओं के प्रति श्रद्धालु होते हैं वह मेरी सत्य प्रकृति जानते नहीं है इसलिये वह पतन को प्राप्त होते हैं । 

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