भगवद्गीता
शुक्रवार, 19 अगस्त 2016
अहिंसा
किसी भी अन्य जीव को किसी भी भाँति कष्ट न पहुचाने की वृत्ति अहिंसा है । इस वृत्ति का सहज अभ्यास होना अपेक्षित होता है । आत्मा किसी ऐसे कर्म को पोषित ना करे जिससे किसी अन्य जीव को कष्ट पहुँचे ।
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