भगवद्गीता
सोमवार, 22 अगस्त 2016
संयम
मनमोहक वासना वृत्तियों के प्रति आकर्षित होने की सहज़ वृत्ति को विवेक के बल से अंकुश करना संयम है । किसी भी अतिकारक प्रवृत्तियों के प्रतिफल से जनित होने वाले मानसिक उद्वेगों को विवेक के बल से नियंत्रित करना संयम है ।
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