भगवद्गीता
मंगलवार, 2 अगस्त 2016
पाप से मुक्त
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण ने अर्जुन को बताया कि जो व्यक्ति मुझे अजन्मा
,
अनादि
,
और इस रूप संसारके शासक के रूप में जानता है वह किसी भी प्रकार मतिभ्रम में नहीं पडता है और समस्त पापों से मुक्त हो जाता है ।
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