चरण 2 से क्रमश: । अर्जुन आगे बोले कि सभी
प्राचीन ऋषि भी ब्रम्ह के लिये यही बताये हैं जो प्रभु आपके श्रीमुख से मैंने सुना, देव ऋषि नारद, ऋषि असिता, देवता, व्यास सभी आपके रहस्य को इन्ही विस्तार से बताये । व्याख्या
चरण 2 में वर्णित स्थिति के विगत होने पर अर्जुन अपने चरण 1 में व्यक्त विचार को और अधिक
पुष्टि करते हुये अनेको महान ऋषियों की गणना बताता है जिन्हे कि ब्रम्ह की अनुभूति
प्राप्त हुई और इस अनुभूति के प्रसाद से वे ब्रम्हलीन हुये ।
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