व्यक्ति जितना कुछ भी जानता है सभी कुछ ब्रम्ह से ही सम्भव हुआ
है । फिरभी व्यक्ति ब्रम्ह को नहीं जानता है । ब्रम्ह ऐसा रहस्य है कि जिसे जानने
का प्रत्येक प्रयत्न अ-पर्याप्त है । ज्ञान के जिज्ञासु को ज्ञेय ब्रम्ह को जानने
का सबसे सरल और सीधा उपाय है कि वह उसी ब्रम्ह से याचना करे कि, वह, अपने रूप को उसे अनुभव करा देवे ।
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