चरण 3 से क्रमश: । अर्जुन आगे कहता है हे
कृष्ण ! ना ही कोई देवता ना ही कोई ऋषि आपकी उत्पत्ति को जान सका है । आपने जितना
कुछ भी मुझे बताया वह सब सत्य है । मैं मानता हूँ । हे प्रभो । व्याख्या – चरण 3
में वर्णित स्थिति से गुज़रने के उपरांत गुरू से अर्जुन कहने का साहस जुटा सका कि
हे परम् सत्य के प्रगट रूप आपकी उत्पत्ति को कोई भी ऋषि और कोई भी देवता नहीं जान
सका है ।
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