सोमवार, 12 सितंबर 2016

ग्राह्यता का वरदान

सही मानसिक धारणा में स्थापित होकर ब्रम्ह को पूजने वाले संतो की उपलब्धि को बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो संत मुझे सतत समर्पित श्रद्धा के साथ पूजता है उसे मैं ऐसी मानसिक ग्राह्य शक्ति देता हूँ जिसके द्वारा उसे मेरी अनुभूति मिल जाती है । 

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