भगवद्गीता
रविवार, 12 फ़रवरी 2017
अर्जुन की अभिव्यक्ति : चरण 12
दिव्य स्वरूप के वृतांत को आगे व्यक्त करते हुये अर्जुन कहता है कि धृतराष्ट्र के समस्त पुत्र तथा उनके सहयोग में लडने के लिये आये हुये समस्त राजा तथा भीष्म
,
द्रोण
,
और कर्ण के साथ साथ मेरे पक्ष के समस्त प्रधान योद्धा – क्रमश: चरण 13
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