सोमवार, 13 फ़रवरी 2017

अर्जुन की अभिव्यक्ति : चरण 13

 दिव्य स्वरूप के वृतांत को आगे व्यक्त करते हुये अर्जुन कहता है कि पूरा समूह आपके भयावह स्वरूप वाले मुख के अंदर तीव्र गति से प्रवेष कर रहा हैं और उनमें से कुछ जो दाँतों के बीच पहुँच गये हैं उनके सिर पिसकर पाउडर के समान चूर हो गये हैं ।

कोई टिप्पणी नहीं:

एक टिप्पणी भेजें