गुरुवार, 2 फ़रवरी 2017

अर्जुन की अभिव्यक्ति : चरण 3

दिव्य स्वरूप के वृतांत को आगे व्यक्त करते हुये अर्जुन कहता है कि मैं आपके मुकुट, गदा और चक्र को, जो एक गहान प्रकाश पुंज के रूप में चमकते हुये, प्रत्येक ओर विस्तृत हैं, जिनमें से आग की लपटे विकीर्ण हो रहीं हैं, और जो कि चमकते हुये सूर्य के समान प्रकाशित हैं और जिन्हे पहचानना मुश्किल हो रहा है को देख रहा हूँ ।  

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