मंगलवार, 7 फ़रवरी 2017

अर्जुन की अभिव्यक्ति : चरण 7

दिव्य स्वरूप के वृतांत को आगे व्यक्त करते हुये अर्जुन कहता है कि हे गुणवान प्रभु समस्त देवगण आपके स्वरूप में समाहित दशा में प्रविष्ट है, हे प्रभु सिद्ध महात्मा महर्षियों का समूह अपने दोनो हाँथो को जोडे हुये आपकी वंदना करते हुये भरपूर प्रशंसा भजन गायन कर रहे हैं । 

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