भगवद्गीता
बुधवार, 3 मई 2017
ज्ञान : 4
व्यक्ति में अपेक्षित विशेषताओं की गणना को आगे बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि अनन्यरूप से अनुशासित भाव से मेरे प्रति अविचल भक्ति
,
एकांत स्थान में रहना और समुदाय में रहने में अरुचि ।
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