भगवद्गीता
शनिवार, 6 मई 2017
ज्ञेय
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से कहे कि अब मैं तुम्हे यह बताऊँगा कि जानने योग्य क्या है और जिसको जानने से शाश्वत जीवन प्राप्त हो जाता है । वह है पर
-
ब्रम्ह जिसका कोई आदि नहीं है
,
और जिसके लिये कहा जाता है कि
,
न तो सत् है और न ही असत् है ।
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