भगवद्गीता
गुरुवार, 18 मई 2017
रूप गुण प्रकृति
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि पुरुष और प्रकृति दोनो ही अनादि काल से हैं और यह भी जानो कि समस्त रूप तथा गुण प्रकृति से पैदा होते हैं ।
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