भगवद्गीता
रविवार, 21 मई 2017
जन्म मृत्यु चक्र
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि आत्मा शरीर में रहते हुये प्रकृति द्वारा सृजित गुणों का भोग करती है
,
उसकी इन गुणों के साथ आसक्ति उसके अच्छी बुरी योनियों में जन्म का कारण होता है ।
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