भगवद्गीता
बुधवार, 17 मई 2017
विलय हेतु पात्र
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि इस प्रकार संक्षेप में हमने प्रकृति
,
ज्ञान और ज्ञान का विषय को बताया है । इन्हे जानने वाला व्यक्ति मुझ में (ब्रम्ह में) विलय के लिये योग्य पात्र बन जाता है ।
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