भगवद्गीता
रविवार, 28 मई 2017
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गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण बताये कि हे भारत (अर्जुन) जिस भी जीव को जन्म मिला है
,
चाहे चालय
-
मान हो अथवा अचलाय
-
मान हो
,
वह क्षेत्र और क्षेत्र के ज्ञाता के सन्योग से ही सम्भव हुआ है ।
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