भगवद्गीता
रविवार, 11 जून 2017
प्रकृति गर्भ
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि महान प्रकृति मेरा गर्भ है
,
उसमें मैं बीज़ डालता हूँ और हे भारत (अर्जुन) उसमें से यह सभी वस्तुयें और जीव उत्पन्न होते हैं ।
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