मंगलवार, 27 जून 2017

रज़स् प्रधान

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बोले कि हे भरतो में श्रेष्ठ जब रज़ोगुण की वृद्धि हो जाती है, तब लोभ, गतिविधि, कार्यों का प्रारम्भ, अशांति और वस्तुओं की लालसा....ये सब उत्पन्न हो जाते हैं । 

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