भगवद्गीता
बुधवार, 28 जून 2017
तमस् प्रधान
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बोले कि हे कुरूनंदन (अएजुन) जब तमोगुण बढ जाता है
,
तब प्रकाश का अभाव
,
निष्क्रियता
,
लापरवाही और केवल मूढता....ये सब उत्पन्न होते हैं ।
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