भगवद्गीता
सोमवार, 19 जून 2017
सत्व भी बंधन
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण बोले कि हे दोषरहित अर्जुन सत्वगुण शुद्ध होने के कारण ज्योति और स्वास्थ्य की वृद्धि करता है परंतु यह भी बंधन ही होता है जिसके फलसे व्यक्ति खुशी और धर्मज्ञान के लिये उद्यत होता है ।
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