गुरुवार, 1 जून 2017

प्रकृति कर्ता

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो व्यक्ति ऐसा देखता है कि, कर्मों की कर्ता प्रकृति है और आत्मा अकर्ता है वह व्यक्ति सत्य का दृष्टा होता है । 

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