बुधवार, 21 जून 2017

शक्तिशाली रज़स्

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि रज़स् की वृत्ति व्यक्ति में वासना के प्रति प्रबल इच्छा और मोहाशक्ति के पथ से आकर्षण सृजित करता है । इसके फलसे, हे कुंतीपुत्र (अर्जुन), व्यक्ति जागृत हुई इच्छा की पूर्ति के लिये कर्म करने को उद्यत होता है । 

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