भगवद्गीता
मंगलवार, 13 जून 2017
माता पिता
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बोले कि हे कुंतीपुत्र
,
जहाँ कहीं भी जिन किन्ही भी योनियों में जो भी रूप उत्पन्न होते हैं
,
उन सभीकी योनि महांन् ब्रम्ह है और मैं पिता हूँ
,
जो कि बीज़ डालता है ।
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