भगवद्गीता
गुरुवार, 29 जून 2017
विशुद्ध
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जब देहधारी आत्मा उस दशा में विलय को प्राप्त होती है
,
जबकि सत्वगुण प्रधान हों
,
तब वह सर्वोच्च (भगवान) को जानने वालों के विशुद्ध लोक में पहुँचती है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें