भगवद्गीता
सोमवार, 11 सितंबर 2017
भोजन यज्ञ तप दान
पूजा पद्धति के विषय में बताने के उपरांत गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि भोजन भी
,
जो कि सबको प्रिय है
,
तीन प्रकार का होता है । इसी प्रकार यज्ञ
,
तप और दान भी तीन प्रकार के होते हैं । तू इनका भेद सुन ।
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