भगवद्गीता
रविवार, 17 सितंबर 2017
तामसिक यज्ञ
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बताये कि जो यज्ञ नियम के अनुसार नहीं है
,
जिसमें कोई अन्न नहीं बाँटा गया
,
जिसमें मंत्र नहीं पढे गये और जिसमें दक्षिणा नहीं दी गयी
,
जो श्रद्धा से रहित है
,
उसे लोग तामसिक यज्ञ कहते हैं ।
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