भगवद्गीता
शुक्रवार, 1 सितंबर 2017
काम क्रोध लोभ
असुरीय स्वभाव वाले लोगो के विषय में बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि आत्मा को विनाश की ओर ले जाने वाले इस नरक का द्वार तिहरा है
,
जो काम
,
क्रोध और लोभ से बना है । इसलिये मनुष्य को इन तीनो को त्याग देना चाहिये ।
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