शनिवार, 2 सितंबर 2017

सर्वोच्च स्थिति

असुरीय स्वभाव वाले लोगोके विषय में बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि हे कुंती के पुत्र (अर्जुन), जो अंधकार की ओर ले जाने वाले इन तीनो द्वारो से छूट जाता है, वह उन कर्मों को करता है, जो उसको आत्मा के लिये कल्याणकारी है और तब वह सर्वोच्च स्थिति (परम गति) पर्यंत पहुँच जाता है । 

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