भगवद्गीता
बुधवार, 27 सितंबर 2017
ॐ तत् सत्
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि “ॐ तत् सत्” यह ब्रम्ह का तीन प्रकार का प्रतीक समझा जाता है । प्राचीन काल में इसके द्वारा ब्राम्हण
,
वेद और यज्ञों का विधान किया गया था ।
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