भगवद्गीता
शनिवार, 23 सितंबर 2017
तामसिक तप
गुरू तोगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो तप मूर्खतापूर्ण दुराग्रह के साथ अपने आपको कष्ट देकर या दूसरों को हाँनि पहुँचाने के लिये किया जाता है
,
वह तामसिक तप कहलाता है ।
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