भगवद्गीता
बुधवार, 20 सितंबर 2017
मानसिक तप
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि मन की प्रशांतता
,
सौम्यता
,
मौन
,
आत्मसंयम और मन की पवित्रता ----- यह मानसिक तप कहलाता है ।
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