सोमवार, 18 सितंबर 2017

शरीर का तप

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बताये कि देवताओं की, ब्राम्हणों की, गुरूओं की और विद्वानों की पूजा, पवित्रता, ईमानदारी, ब्रम्हचर्य और अहिंसा, यह शरीर का तप कहलाता है । 

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