भगवद्गीता
गुरुवार, 28 सितंबर 2017
शास्त्रोक्त
“ॐ तत् सत्” के विषय में आगे बताते हुये गुरू योगेश्वर श्रीकृष्णने अर्जुन को बताये कि इसलिये ब्रम्हचारी लोगो द्वारा शास्त्रों द्वारा बतायी गई यज्ञ
,
दान और तप की क्रियाँये ॐ शब्द का उच्चारण करके की जाती हैं ।
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