भगवद्गीता
शुक्रवार, 15 सितंबर 2017
सात्विक यज्ञ
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि जो यज्ञ फल की इच्छा न रखने वाले लोंगो द्वारा
,
जिनका यह विश्वास होता है कि यज्ञ करना उनका कर्तव्य है
,
शास्त्रीय नियमों के अनुसार किया जाता है
,
वह सात्विक कहलाता है ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें