शुक्रवार, 8 सितंबर 2017

श्रद्धा का स्वरूप

किसी उच्च आदर्श के प्रति आदरयुक्त विश्वास आदरयुक्त समर्पण श्रद्धा है । यह प्रत्येक व्यक्ति में होती है । उच्च आदर्श की क्षवि प्रत्येक व्यक्ति में अलग होती है । यह उसके स्वभाव पर निर्भर करता है । सात्विक स्वभाव के व्यक्ति का आदर्श होगा “चैतन्य स्वरूप आत्मा”, राजसिक स्वभाव के व्यक्ति का आदर्श होगा “वैयक्ति ईश्वर” और तामसिक प्रकृति के लोगो का आदर्श होगा “भोग संसार” । 

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