भगवद्गीता
बुधवार, 13 जुलाई 2016
विलय की दशा
ब्रम्ह की उच्चतर प्रकृति आत्मा जब अपने उद्गम श्रोत ब्रम्ह की चेतना से प्रतिपल ओतप्रोत रहेगी तो स्वाभाविक प्रतिफल के रूप में उसे चिर शांति की अनुभूति उसकी धरोहर बनेगी । ज्ञातव्य है कि अशांति और कलह उसके भ्रमात्मक स्व की अनुभूति के फल से होते हैं ।
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