बुधवार, 20 जुलाई 2016

दु:चक्र से उद्धार

गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बताये कि जो व्यक्ति अपने पूर्व के त्रुटिपूर्ण कर्मों के फलभोग को शिरोधार्य कर अनेको प्रकार के यातना भोगो को भोग रहा हैं वह भी मेरी शरण में आकर अपने दु:ख भोगों से मुक्ति पा सकता है यद्यपि कि वे संत जिन्हे आत्मज्ञान प्राप्त है वे सरलता से मुक्ति पा जाते हैं । 

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