भगवद्गीता
गुरुवार, 7 जुलाई 2016
समर्पण से मुक्ति
गुरू ने आत्मा प्रधान व्यक्तित्व के जिज्ञासु के लिये उपलब्धि का लक्ष्य “प्रकृतीय मोंह से मुक्ति” को प्राप्त करने का सरलतम उपाय बताते हुये कहे कि “मुझे श्रद्धायुक्त भक्ति द्वारा पूजो” तुम्हे मैं मोंह से मुक्त कर दूँगा ।
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