भगवद्गीता
शुक्रवार, 29 जुलाई 2016
हितकारी वचन
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन से बोले हे महाबाहो अर्जुन मैं तुम्हे अपना प्रिय अनन्य मानते हुये तुम्हे श्रेष्ठतम ज्ञान के विषय में हितकारी बचन सुनाता हूँ ।
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
नई पोस्ट
पुरानी पोस्ट
मुख्यपृष्ठ
सदस्यता लें
टिप्पणियाँ भेजें (Atom)
कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें