भगवद्गीता
शनिवार, 16 जुलाई 2016
सभी योग्य पात्र
गुरू योगेश्वर श्रीकृष्ण अर्जुन को बताये कि व्यक्ति का जन्म चाहे किसी भी कुल में
,
स्त्री अथवा पुरुष के रूप में हुआ है वह ज्ञान के लिये योग्य पात्र हैं । हे अर्जुन जो भी ज्ञान का जिज्ञासु मेरी शरण ग्रहण करता है उसे ज्ञान प्राप्त होता है ।
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