शनिवार, 9 जुलाई 2016

उद्धार का उचित निर्णय

गुरु बताये कि यदि व्यक्ति अपने उद्धार के लिये ब्रम्ह को समर्पित भाव से पूजने का सही निर्णय कर लेता है तो उसका पूर्व का आचरण यदि पापयुक्त भी है तो भी वह मुक्ति का योग्य पात्र बन जायेगा । प्रकृतीय मोंह में आसक्त होना यह तो सामान्य प्रक्रिया है । इससे मुक्ति के लिये चेतना जागृत होना तथा किये जाने वाले प्रयत्न के चुनाव में समर्पण का सही पथ अपनाना यह अधिक महत्वपूर्ण है । 

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